सहारनपुर : कारगिल विजय दिवस के रजत जयंती समारोह के अवसर पर, भारतीय वायु सेना ने शनिवार को सरसावा वायुसेना स्टेशन में एक शानदार एयर शो का आयोजन किया। इस एयर शो में विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों ने अपनी अद्भुत क्षमताओं का प्रदर्शन किया, जिसने आसमान में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

एयर शो के मुख्य आकर्षण:
- सुखोई-30: “फ्लाइंग कॉफिन” के नाम से जाना जाने वाला यह सुपरसोनिक लड़ाकू विमान अपनी अविश्वसनीय गति और युद्धक क्षमताओं के लिए प्रसिद्ध है। एयर शो में, सुखोई-30 ने 1200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
- जगुआर: यह बहुमुखी लड़ाकू विमान अपनी त्रिशूल फॉर्मेशन उड़ान के लिए जाना जाता है। एयर शो में, जगुआर विमानों ने आसमान में त्रिशूल का आकार बनाते हुए उड़ान भरी, जो एक अविस्मरणीय दृश्य था।
- एमआई-17 हेलीकॉप्टर: यह भारी-भरकम हेलीकॉप्टर मिसाइलों और मशीनगनों से लैस था। एयर शो में, गरुड़ कमांडो ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से 10,000 फीट की ऊंचाई से रस्सी के सहारे उतरने का एक साहसी प्रदर्शन किया।
- अन्य विमान: एयर शो में एएन-32 और डोर्नियर विमानों ने भी उड़ान भरी, जिन्होंने दर्शकों को अपनी भव्यता से मंत्रमुग्ध कर दिया।

एयर शो का महत्व:
यह एयर शो न केवल भारतीय वायु सेना की शक्ति और क्षमताओं का प्रदर्शन था, बल्कि यह कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने का एक तरीका भी था। एयर शो ने लोगों में देशभक्ति की भावना को भी जगाया और उन्हें भारतीय वायु सेना पर गर्व करने का मौका दिया।














