चण्डीगढ, 12 जून। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनता के लिए मुख्यमंत्री का कार्यालय और आवास चौबीसों घंटे खुला रहता है। समाज कल्याण व अधिकारों की रक्षा के लिए, नीतिगत या व्यक्तिगत रूप से कार्य करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंजाब के राजपुरा में सैनी समाज वेलफेयर कमेटी द्वारा आयोजित सैनी महासम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। कमेटी द्वारा मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। मुख्यमंत्री ने कई सामाजिक कार्यकर्ताओं को शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजपुरा की इस वीर, पावन और ऐतिहासिक धरा पर सैनी समाज के इस विशाल महासम्मेलन में आकर अत्यंत गौरव की अनुभूति हो रही है। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए वेलफेयर कमेटी के पदाधिकारियों बधाई देते हुए कहा कि यहां आने पर उनका गला भरोसे नाल भर गया है जिस जागरूक और संगठित समाज ने एकजुटता का परिचय दिया है।
समाज के हकों की रक्षा के लिए की जाएगी जोरदार पैरवी
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि समाज एवं राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए सभी मिलकर कार्य करें तभी पंजाब को भी समृद्ध एवं खुशहाल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के हकों की रक्षा के लिए जोरदार पैरवी की जाएगी। सैनी समाज को अब मूक दर्शक या समर्थक बनकर नहीं रहना है, बल्कि राजनीतिक क्षेत्र में अग्रणी और निर्णायक भूमिका निभानी होगी। पंचायत से लेकर विधानसभा और संसद तक समाज की सशक्त और गूंजती हुई भागीदारी होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चुनाव में आप पार्टी ने अनेक वादे करके पंजाब के लोगों को झूठ बोलकर बरगलाने का कार्य किया। आज जनता स्वयं को ठगा सा महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री ने किसानों को 20 हजार रुपए देने की बात कही जबकि आप पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में 50 हजार रूपए देने की कही। यह भ्रष्टाचारी सरकार केवल शोषण करने का कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री ने गरीब व्यक्ति को विकास की धारा में लाने का किया काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जब से देश की बागडोर सम्भाली है, तब से नई नीतियां बनाई और लागू की हैं जिनसे गरीब व्यक्ति को विकास की धारा में लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गुरू तेग बहादुर जी का 350वां प्रकाश पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया और उनके नाम पर सिरसा विश्वविद्यालय में चेयर स्थापित की गई, फरीदाबाद में चौक, धमतान साहिब में रास्ता, यमुनानगर में वन व द्वार, अम्बाला में पोलटेक्निक का नामकरण किया है।
84 के दंगों के पीड़ित परिवारों को दी सरकारी नौकरी
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरू जी के नाम पर छछरौली में कृषि महाविद्यालय बनाया जा रहा है जिसका कार्य जल्द ही आरम्भ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कुरूक्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में गुरू जी की शिक्षाओं को आगे बढाने के लिए डाक टिकट एवं सिक्का जारी किया। हरियाणा में 84 के दंगों में पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी देने के अलावा डायलिसेस रोगियों का राज्य के सभी अस्पताल में निशुल्क ईलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान किए गए 217 संकल्पों में से 63 पूरे कर दिए हैं और 157 पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सभी फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं तथा सब्जियां, आलू आदि को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया है ताकि किसानों को उचित दाम मिल सके। महिलाओं को 500 रुपए में सिलेंडर, फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानों को 8 हजार रुपए की सब्सिडी, महिलाओं को 2100 रुपए की राशि देने का कार्य किया जा रहा है। बुजुर्गों, दिव्यांगों, विधवा महिलाओं को पेंशन, दीनदयाल लाडो लक्ष्मी जैसी योजनाओं का लाभ हर माह 10 तारीख को बटन दबाकर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने मोहाली राजपुरा रेल बाईपास निर्माण को दी मंजूरी
श्री नायब सिंह सेनी ने कहा कि पंजाब में हरियाणा की तर्ज पर जनकल्याणकारी नीतियां लागू की जाएगीं। पंजाब में प्रधानमंत्री ने 7500 करोड़ रुपए की लागत से नए रास्ते खोलने का कार्य किया है। इससे 64 हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार सृजन होगा। इसके अलावा 1387 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। लगभग 1400 करोड़ रुपए की लागत से मोहाली राजपुरा रेल बाईपास निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा नशे को खत्म कर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर जुटाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजपुरा की ऐतिहासिक धरा का महत्व है। यह समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जागृत केंद्र है। पूरा क्षेत्र पंजाब, हरियाणा और पूरे देश की प्रगति को आपस में जोडने वाला मजबूत प्रवेश द्वार है। इस माटी ने देश को एक से बढ़कर एक मेहनतकश किसान, जांबाज सैनिक और निस्वार्थ समाजसेवी दिए हैं। सामाजिक क्रांति के अग्रदूत ज्योतिबा फुले, देश की पहली शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले जैसे देश के बहुमूल्य रत्न समाज ने दिए हैं। जिन्होंने विशेष रूप से महिला शिक्षा और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए क्रांतिकारी कार्य किए। उन्हीं की बदौलत समाज सम्मान के साथ सिर उठाकर जी रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय और अध्यात्मिक राह दिखाने वाले संत लिखमीदास, बल्लभगढ़ रियासत के सेनापति गुलाब सैनी तथा खेल की दुनिया में भारत का डंका बजाने वाले जादूगर मेजर ध्यानचंद के अलावा चण्डीगढ के रॉक गार्डन निर्माता पद्मश्री नेकचंद सैनी जैसी विभूतियां समाज का गौरव हैं जिन्होंने देश दुनिया में समाज का नाम रोशन किया।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ही ओ.बी.सी. आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया, जो कि एक ऐतिहासिक और युगांतकारी कदम था। मेडिकल और उच्च शिक्षा में ओ.बी.सी. वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देकर शिक्षा के बंद द्वारों को हमेशा के लिए खोल दिया गया। इसी का परिणाम है कि आज देश के विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में पिछड़े वर्ग के युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में पहली बार पंजाब से ओ.बी.सी. समाज के वरिष्ठ नेता सरदार इकबाल सिंह लालपुरा को पार्टी के सर्वोच्च नीति-निर्धारक संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है। यही नहीं, केंद्र सरकार और जहां-जहां भी भाजपा की सरकारें हैं, वहां ओ.बी.सी. समाज को उनका पूरा प्रतिनिधित्व और मान-सम्मान दिया जा रहा है।
सम्मेलन में सैनी समाज कल्याण समिति के सर्कल चेयरमैन जैलदार जसविंदर सिंह सैनी, महिन्दर सैनी, प्रधान जतिन्दर सैनी, चेयरमैन गुरनाम, अंगद सैनी, गुरदर्शन सैनी, रणबीर सिंह, सर्वजीत कौर, एमसी लक्की, दविन्दर सैनी सहित भारी संख्या में समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।














