चंडीगढ़, 1 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित एचटेट की परीक्षा सीईटी की तर्ज पर पारदर्शी ढंग से सम्पन्न करवाई जाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को चंडीगढ़ में एचटेट परीक्षा की तैयारियों को लेकर आयोजित राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी मौजूद रहे। सभी जिला उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के लिए अधिकारी केन्द्रों पर सभी प्रबंध पुख्ता करें ताकि किसी भी परीक्षार्थी को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि यदि किसी परीक्षार्थी को सेंटर में निर्धारित समय पर पहुंचने में कोई दिक्कत आती है तो वह डायल 112 पर कॉल कर सूचित करें। पुलिस उनकी सहायता करने के लिए तत्पर रहेगी। सुचारू ढंग से परीक्षा सम्पन्न करवाने के लिए बोर्ड मुख्यालय पर कन्ट्रोल रूम बनाया गया है। इसके अलावा जिला एवं मुख्यालय स्तर पर भी फ्लाईंग स्क्वाड लगाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचकूला, करनाल व कुरुक्षेत्र जिलों में एडीए की परीक्षा होने के कारण इन जिलों के परीक्षार्थियों के दूसरे जिलों में केंद्र बनाए गए। उनके लिए निर्धारित रूट पर चलने वाली बसों के अलावा परीक्षा के समय अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड द्वारा 4 व 5 जुलाई को तीन चरणों में एचटेट परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी। इसमें 4 जुलाई शनिवार को प्रथम चरण में लेवल-3 पीजीटी की परीक्षा केवल सांय 3.00 से 5.30 बजे तक आयोजित होगी। इसमें 238 परीक्षा केन्द्रों पर 73091 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इसी प्रकार 5 जुलाई को लेवल-2 टीजीटी की परीक्षा प्रातःकाल के समय 10.00 से 12.30 बजे तक होगी जिसमें 383 केन्द्रों में 119141 अभ्यर्थी तथा सायंकाल के समय 3.00 बजे से सायं 5.30 बजे तक लेवल-1 पीआरटी की परीक्षा होगी जिसके 139 केन्द्रों पर 41062 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। उन्होंने बताया कि कुल 383 केन्द्रों पर 233294 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें 166137 महिलाएं और 67157 पुरुष शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में एडीए की परीक्षा है उनको छोड़कर सभी जिलों के परीक्षार्थियों को उनके गृह जिलों में ही जिला मुख्यालय स्तर पर परीक्षा केन्द्र अलाट किए गए है। इसके अलावा बहादुरगढ तथा महेन्द्रगढ में ही उपमण्डल स्तर पर परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी केन्द्रों के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लगाई जाए जिसमें पुलिस यह सुनिश्चित करें कि किसी भी बाह्य व्यक्ति का हस्तक्षेप न हो सके। परीक्षा प्रारम्भ होने से तीन घंटे पूर्व आसपास फोटोस्टेट की दुकान पूर्ण रूप से बंद की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा केन्द्र पर 3 जुलाई तक सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर दिए जाएं और जिला स्तर पर अधिकारी उनकी विजियुलटी समय पर चेक कर लें। इसके अलावा हर केंद्र पर एम्बुलेंस की सुविधा होगी। यदि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रकार की बीमारी संबंधी समस्या आती है, तो पुलिस की निगरानी में उसे स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्रो पर अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे 10 मिनट पूर्व पहुंचना होगा ताकि मेटल डिटेक्टर से तलाशी, बायोमेट्रिक, डाटा कैप्चरिंग और अन्य अनिवार्य औपचारिकताएं समय पर पूरी की जा सके। परीक्षा प्रारम्भ होने से एक घण्टा पूर्व परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश बंद हो जाएगा। किसी भी अभ्यर्थी को केन्द्र में फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, एसीएस सुधीर राजपाल, डा. राजासेखर वुदंरू, डीजीपी अजय सिंघल, प्रधान सचिव विजय दहिया, विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धुपड़ के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।














