मिग-21 लड़ाकू विमानों की होगी छुट्टी, नए डिजाइन में आकर दुश्मनों को चटाएंगे धूल – एयर चीफ मार्शल
सेविले : स्पेन दौरे पर गए एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने भारतीय वायु सेना से मिग क्लास के विमानों को रिटायर करने का प्लान बताया है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही भारतीय वायु सेना से मिग-21, मिग-23 और मिग-27 विमानों के बेड़े को रिटायर कर दिया जाएगा। इन विमानों की जगह भारत के स्वदेशी एससीए तेजस को शामिल किया जाएगा। एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने 13 सितंबर को स्पेन के सेविले में एयरबस के एयरक्राफ्ट मैन्यूफैक्चरिंग फैसिलिटी में भारतीय वायु सेना के लिए बनाए गए पहले सी-295 विमान का हैंडओवर लिया था।

सी-295 विमान को पुराने एवरो-748 बेड़े से बदला जाएगा। भारत ने सितंबर 2021 में 21,935 करोड़ रुपये की लागत से 56 एयरबस C295 विमानों के अधिग्रहण का सौदा किया था। पहले 16 सी295 को सेविले में असेंबल किया जाएगा, जबकि बाकी के 40 विमानों को टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के सहयोग से गुजरात के वडोदरा में बनाया जाएगा।
भारतीय वायु सेना लंबे समय से लड़ाकू विमानों की कमी से जूझ रही है। ऐसे में स्वदेशी एसलीए तेजस विमानों के शामिल होने से वायु सेना की ऑपरेशनल क्षमता में जबरदस्त इजाफा होने की उम्मीद है। भारतीय वायु सेना पहले से ही तेजस के दो स्क्वाड्रन को ऑपरेट कर रही है। यह विमान देखने में छोटा और हल्का जरूर है, लेकिन इसमें वे सभी खूबियां शामिल हैं, जो किसी बड़े लड़ाकू विमानों में होती है। तेजस से हाल में ही अस्त्र बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल को फायर कर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। ऐसे में तेजस को दुश्मन के विमानों पर हमला करने के लिए उनके नजदीक जाने की जरूरत नहीं होगी।
भारतीय वायु सेना के अधिकारी काफी समय से लड़ाकू विमान मिग-21 को ऑपरेट कर रही है। मिग-21 लड़ाकू विमान भारत की तरफ से कई युद्धों में हिस्सा ले चुका है। यह लड़ाकू विमान भारतीय वायु सेना का पहला सुपर सोनिक स्पीड से उड़ने वाला लड़ाकू विमान भी माना जाता है। मगर अब यही विमान उड़ता ताबूत बन चुका है, यही वजह है कि भारतीय वायु सेना को अपने कई बहादुर पायलटों को खोना पड़ा है। वर्तमान में भारतीय वायु सेना 54 मिग-21 लड़ाकू विमानों को आपरेट करती है।











