चंडीगढ़, 5 जनवरी। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि हरियाणा सरकार ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस कर...
Read moreचंडीगढ़, 5 जनवरी। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से आज राजभवन हरियाणा में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (मसूरी) से देशभर...
Read moreसांसद ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत सोनीपत के गांव टांडा में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम का किया शुभारंभ चंडीगढ़,...
Read moreआईएमटी खरखौदा भी होगा गुरुग्राम की तर्ज पर विकसित, यूनो मिंडा लिमिटेड लगाएगी लगभग 1100 करोड़ रुपये का मेगा प्रोजेक्ट...
Read moreकैबिनेट मंत्री देवेंद्र सिंह बबली ने किया विकसित भारत संकल्प जनसंवाद यात्रा का स्वागत चंडीगढ़, 4 जनवरी - हरियाणा के...
Read more'हमारा उद्देश्य सडक़ों पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाना' चण्डीगढ़, 4 जनवरी- हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा...
Read moreअयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य पर अम्बाला छावनी में 14 जनवरी को निकाली जाएगी "श्रीराम यात्रा" - गृह मंत्री अनिल विज चंडीगढ़,...
Read moreचंडीगढ़, 4 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत संकल्प यात्रा यानी (मोदी की गारंटी की गाड़ी) का कड़कड़ाती ठंड...
Read moreकृषि मंत्री जे पी दलाल भी बैठक में रहे मौजूद चण्डीगढ, 3 जनवरी - हरियाणा के जनस्वास्थ्य मंत्री डा. बनवारी लाल...
Read moreमंत्रिमंडल ने हरियाणा में इको-टूरिज्म के विकास की नीति को दी मंजूरी चंडीगढ़, 3 जनवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में इको-टूरिज्म के विकास की नीति को मंजूरी प्रदान की गई। इस नीति का उद्देश्य राज्य की समृद्ध जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र, विरासत स्मारकों और सांस्कृतिक विविधताओं का संरक्षण करना है। यह नीति हरियाणा को एक प्रमुख इको-टूरिज्म स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक जुड़ाव से समृद्ध एवं संपन्न है। हरियाणा सरकार इको-टूरिज्म नीति के उद्देश्यों को साकार करने के लिए सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए हितधारकों, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को आमंत्रित करती है। यह नीति हरियाणा की मौजूदा जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र, विरासत स्मारकों, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करेगी और हरियाणा के जंगल के जैव विविधता और विरासत मूल्यों को बढ़ावा देगी। यह नीति प्रकृति पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने और स्वदेशी सामग्रियों के स्थायी उपयोग को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करती है और समग्र पर्यावरण-पर्यटन विकास के लिए स्थानीय समुदायों, गैर सरकारी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी उद्यमों और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करती है, जिससे ऐसे समुदायों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। नीति में हरियाणा के विविध परिदृश्यों के संरक्षण पर जोर दिया गया है, जिसमें दो राष्ट्रीय उद्यान, सात वन्यजीव अभयारण्य, दो रामसर स्थल, दो संरक्षण रिजर्व और पांच सामुदायिक रिजर्व और पुरानी अरावली पहाड़ी श्रृंखला, शिवालिक पहाड़ियां, समृद्ध जैव विविधता घने जंगल, जल निकायों और दर्शनीय स्थलों सहित विशिष्ट वन्य जीव आवास पारिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं। इको-टूरिज्म गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने के लिए, वन और वन्य जीव विभाग ने पहले से ही राज्य में विभिन्न स्थानों पर सुविधाएं विकसित की हैं। गौरतलब है कि वन एवं वन्य जीव विभाग ने राज्य में इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए यमुनानगर के चूहड़पुर और बनसंतोर, पंचकूला में थापली, पंचकूला एवं यमुनानगर में नेचर ट्रेल और रेवाड़ी जिले में मसानी में इको-टूरिज्म सुविधाएं विकसित की हैं। लेकिन एक उचित नीति दिशा-निर्देशों के अभाव में पर्यटन गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा देने के लिए इकोटूरिज्म पर नीति तैयार करने की आवश्यकता थी। तदानुसार हरियाणा में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाई गई है।
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